आज का पंचांग 7 मार्च 2026: शनिवार को चतुर्थी तिथि, चित्रा नक्षत्र और राहुकाल का समय जानें
आज का पंचांग 7 मार्च 2026 शनिवार: चैत्र कृष्ण चतुर्थी तिथि, चित्रा नक्षत्र, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त और सूर्य चंद्रमा की राशि स्थिति जानें।

सुबह का समय अक्सर दिन की दिशा तय कर देता है। भारतीय परंपरा में कई लोग दिन की शुरुआत पंचांग देखकर करते हैं क्योंकि इसमें केवल तारीख नहीं बल्कि समय की सांस्कृतिक और खगोलीय संरचना भी समझाई जाती है।
तिथि नक्षत्र योग और ग्रहों की स्थिति के माध्यम से दिन की एक अलग पहचान बनती है।
7 मार्च 2026 का दिन भी पंचांग के अनुसार एक विशेष संयोजन लिए हुए है। यह दिन शनिवार है जिसे परंपरागत रूप से शनिदेव और कर्म के सिद्धांत से जोड़ा जाता है।
शनिवार को धैर्य अनुशासन और जिम्मेदारी का प्रतीक माना जाता है। आज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है और चंद्रमा तुला राशि में स्थित रहकर चित्रा नक्षत्र के प्रभाव में रहेगा। इस नक्षत्र के देवता त्वष्टा माने जाते हैं जो सृजन और निर्माण के प्रतीक हैं।
नीचे 7 मार्च 2026 के पंचांग के मुख्य घटक क्रमबद्ध तरीके से दिए गए हैं।
Aaj Ka Panchang 7 March 2026: शनिवार का पंचांग और तिथि विवरण
| पंचांग तत्व | विवरण |
| वार | शनिवार |
| मास | चैत्र |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| तिथि | कृष्ण चतुर्थी सायं 07:17 बजे तक इसके बाद पंचमी |
| नक्षत्र | चित्रा प्रातः 11:15 बजे तक |
| योग | वृद्धि योग प्रातः 06:52 बजे तक इसके बाद ध्रुव योग |
| करण | बालव सायं 07:17 बजे तक |
| अगला करण | कौलव रात्रि में |
चतुर्थी तिथि को वैदिक परंपरा में गणेश तत्व से भी जोड़ा जाता है क्योंकि चतुर्थी का संबंध भगवान गणेश की उपासना से माना जाता है। हालांकि पंचांग में इसका उल्लेख मुख्य रूप से चंद्र गणना के आधार पर किया जाता है।
Aaj Ka Panchang 7 March 2026: सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
| खगोलीय स्थिति | समय |
| सूर्योदय | प्रातः 06:40 बजे |
| सूर्यास्त | सायं 06:25 बजे |
| चंद्रोदय | रात्रि 10:10 बजे |
| चंद्रास्त | प्रातः 08:32 बजे |
ग्रहों की राशि स्थिति
| ग्रह | राशि |
| सूर्य | कुंभ राशि |
| चंद्रमा | तुला राशि |
वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मबल और नेतृत्व का कारक माना जाता है जबकि चंद्रमा मन और भावनाओं का प्रतीक माना जाता है। तुला राशि में चंद्रमा संतुलन संबंध और सौंदर्य से जुड़े गुणों का प्रतिनिधित्व करता है।
Aaj Ka Panchang 7 March 2026: शनिवार के शुभ मुहूर्त
| शुभ समय | अवधि |
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 12:09 बजे से 12:56 बजे तक |
| अमृत काल | प्रातः 03:53 बजे से 05:38 बजे तक (8 मार्च) |
अभिजीत मुहूर्त को भारतीय पंचांग में दिन के मध्य का महत्वपूर्ण शुभ समय माना जाता है। यह सूर्य की स्थिति के आधार पर गणना किया जाता है और पारंपरिक रूप से कई लोग इसे कार्य प्रारंभ के संदर्भ में देखते हैं।
Aaj Ka Panchang 7 March 2026: शनिवार के अशुभ समय
| समय | अवधि |
| राहुकाल | प्रातः 09:36 बजे से 11:04 बजे तक |
| गुलिकाल | प्रातः 06:40 बजे से 08:08 बजे तक |
| यमगण्ड | दोपहर 02:00 बजे से 03:28 बजे तक |
पंचांग में राहुकाल गुलिकाल और यमगण्ड को ऐसे समय के रूप में बताया जाता है जिनमें नए कार्य शुरू करने से बचने की परंपरा रही है। यह अवधारणा वैदिक ज्योतिष और लोकपरंपराओं से जुड़ी हुई है।
Aaj Ka Panchang 7 March 2026: चित्रा नक्षत्र का प्रभाव
आज चंद्रमा चित्रा नक्षत्र में रहेगा। वैदिक ज्योतिष में चित्रा को रचनात्मकता और सौंदर्य से जुड़ा नक्षत्र माना जाता है।
चित्रा नक्षत्र के देवता त्वष्टा बताए जाते हैं जिन्हें निर्माण और सृजन से संबंधित देवता माना जाता है। इस नक्षत्र का प्रतीक चमकता हुआ रत्न माना जाता है जो प्रतिभा और आंतरिक चमक का संकेत देता है।
चित्रा नक्षत्र से जुड़ी कुछ पारंपरिक विशेषताएं इस प्रकार बताई जाती हैं
बुद्धिमत्ता और विश्लेषण क्षमता
रचनात्मक दृष्टिकोण
सौंदर्य और कला के प्रति झुकाव
मजबूत इच्छाशक्ति
व्यवहार में आकर्षण और संतुलन
इस नक्षत्र का स्वामी ग्रह मंगल माना जाता है जबकि आज चंद्रमा जिस राशि में है वह तुला है जिसका स्वामी शुक्र ग्रह माना जाता है।
शनिवार का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
शनिवार भारतीय धार्मिक परंपरा में शनिदेव से जुड़ा हुआ दिन माना जाता है। शनि को कर्म न्याय और अनुशासन का प्रतीक ग्रह माना जाता है। इसलिए शनिवार को धैर्य संयम और जिम्मेदारी से जुड़े कार्यों का प्रतीकात्मक महत्व बताया जाता है।
हिंदू पंचांग में प्रत्येक वार का संबंध किसी ग्रह या देवता से जोड़ा जाता है। जैसे
रविवार सूर्य
सोमवार चंद्र
मंगलवार मंगल
बुधवार बुध
गुरुवार बृहस्पति
शुक्रवार शुक्र
शनिवार शनि
इस प्रकार वार और ग्रहों का संबंध भारतीय समय परंपरा की एक महत्वपूर्ण विशेषता माना जाता है।
पंचांग के मुख्य घटकों को सरल भाषा में समझें
तिथि
तिथि सूर्य और चंद्रमा की आकाशीय दूरी पर आधारित एक लूनर डे है। यह हिंदू पंचांग का मूल समय मापक माना जाता है।
नक्षत्र
आकाश में स्थित 27 तारामंडलों के समूह को नक्षत्र कहा जाता है। चंद्रमा जिस नक्षत्र क्षेत्र में रहता है वही उस दिन का नक्षत्र माना जाता है।
योग
सूर्य और चंद्रमा के संयुक्त दीर्घांश के आधार पर बनने वाली खगोलीय गणना को योग कहा जाता है। पंचांग में कुल 27 योग बताए गए हैं।
करण
करण तिथि का आधा भाग होता है और पंचांग गणना में समय को अधिक सूक्ष्म रूप से समझने के लिए इसका उपयोग किया जाता है।
संवत प्रणाली
भारतीय कालगणना में कई वर्ष प्रणालियाँ प्रचलित हैं जैसे विक्रम संवत शक संवत और गुजराती संवत। ये अलग अलग ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी हुई हैं।
7 मार्च 2026 का पंचांग क्या संकेत देता है
7 मार्च 2026 का शनिवार चतुर्थी तिथि चित्रा नक्षत्र और ध्रुव योग के संयोजन के साथ आ रहा है। पंचांग की दृष्टि से यह दिन संतुलन रचनात्मकता और विचारशीलता से जुड़ा माना जाता है।
हालांकि पंचांग में बताए गए समय और योग धार्मिक परंपराओं तथा वैदिक ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित होते हैं। इन्हें सांस्कृतिक और पारंपरिक संदर्भ के रूप में समझा जाता है।
First Published on: March 7, 2026 1:35 pm IST




