Dattatreya Jayanti 2025: दत्तात्रेय कौन हैं, कब है जयंती और कैसे करें पूजा? जानें सम्पूर्ण विवरण

Dattatreya Jayanti 2025 पर जानिए कौन हैं भगवान दत्तात्रेय, इस बार कब है जयंती और किन विधियों से करें पूजा और साधना।

Dattatreya Jayanti 2025: दत्तात्रेय कौन हैं, कब है जयंती और कैसे करें पूजा? जानें सम्पूर्ण विवरण

बचपन में एक बार दादा जी के साथ गांव की उस कच्ची सड़क पर पैदल चलते हुए पहली बार ‘दत्तात्रेय’ नाम सुना था। उन्होंने कहा था


“ये वो भगवान हैं जो गुरु भी हैं और देवता भी। जिनसे शंकर भी सीखें और विष्णु भी मौन हो जाएं।”
उस समय मैं समझ नहीं पाया था कि कोई एक देवता त्रिदेव कैसे हो सकता है? 

लेकिन जैसे-जैसे जीवन में उतार-चढ़ाव आए  और हर गुरु अपने-अपने हिस्से की शिक्षा देकर चला गया   तब समझ में आया कि दत्तात्रेय का अर्थ है हर परिस्थिति में गुरु को पहचानना।

वो जंगल में नंगे पांव घूमते अवधूत हैं,
जो गंगा को गुरु मानते हैं,
जो सर्प को देखके जीवन का मोह त्याग देते हैं,
जो हवा से संयम सीखते हैं,
जो कुम्हार को देखकर सहनशीलता समझते हैं।

उनका जीवन किसी मंदिर की दीवारों में कैद नहीं,
वो तो उस मनुष्य के भीतर रहते हैं
जो हर चीज़ में सीख खोजता है  और भीतर मौन बनाकर जीता है।

इस साल दत्तात्रेय जयंती 4 दिसंबर 2025  गुरुवार के दिन है।
यह दिन मार्गशीर्ष पूर्णिमा को आता है   जब चंद्रमा सबसे पूर्ण होता है  और हमसे अपेक्षा करता है कि हम भी अपनी चेतना को उसी पूर्णता की ओर ले जाएं।

कोई अलंकरण की ज़रूरत नहीं।
एक लकड़ी का पाटा  लाल कपड़ा  कुछ फूल  एक घी का दीपक   और सच्चा संकल्प।

सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठिए,
नहा धोकर जहां पूजा करते हैं  वहां थोड़ा मौन रहिए।
लाल कपड़ा बिछाकर दत्तात्रेय जी का चित्र रखें (या सिर्फ ध्यान करें)।
दीपक जलाएं  तुलसी पत्ती  चंदन  गुलाल अर्पित करें।

फिर 108 बार जप करें:
ॐ द्रां दत्तात्रेयाय नमः
या
ॐ श्री गुरुदेव दत्त

अगर संभव हो तो अवधूत गीता का एक श्लोक पढ़ें 
या बस यह सोचिए कि आज मैं किससे क्या सीख रहा हूं।

“कुत्ते से वफादारी  पेड़ से देना  गंगा से प्रवाह…
यह जीवन दत्तात्रेय है।”

पूजा के बाद कुछ गरीबों को चुपचाप भोजन दें,
उनसे कुछ पूछिए मत  धन्यवाद भी मत लीजिए 
बस मन ही मन कहिए   “हे गुरुदेव  आपमें ही सब हैं।”

अगर आप दत्तात्रेय जयंती पर केवल व्रत रखकर सोशल मीडिया पर पोस्ट डालते हैं  तो शायद आप चूक गए।
लेकिन अगर आप उस दिन किसी एक पुराने दुःख को माफ कर पाते हैं,
किसी एक ग़लती से कुछ सीख पाते हैं,
या किसी एक अहंकार को छोड़ पाते हैं 
तो समझिए दत्तात्रेय आपके भीतर उतर आए।



TOPICS Religion

First Published on: December 2, 2025 12:24 pm IST

About the Author: saurabh

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