Masik Shivratri 2026: जानिए हर महीने की शिवरात्रि तिथि, पूजा विधि और ज्योतिषीय लाभ

Masik Shivratri 2026 की हर तिथि, पूजन विधि और महत्व जानें। शिव उपासना के लिए शुभ मुहूर्त और धार्मिक लाभों की पूरी जानकारी पाएं

Masik Shivratri 2026: जानिए हर महीने की शिवरात्रि तिथि, पूजा विधि और ज्योतिषीय लाभ

मासिक शिवरात्रि हर माह आने वाला वह शुभ दिन है जब भक्त शिव तत्व के साथ आंतरिक संयोग साधते हैं   इसे केवल तिथि नहीं   बल्कि आध्यात्मिक पुनः स्मरण की घड़ी माना जाता है   जबकि महाशिवरात्रि साल में एक बार आता है और शिव-पार्वती विवाह से जुड़ा है   मासिक शिवरात्रि हर माह की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को मनाई जाती है   यह आत्मनिरीक्षण   उपवास और शिव नाम स्मरण का सर्वोत्तम अवसर है  

 क्या कहती हैं परंपराएं और शास्त्र?

ज्योतिषाचार्यों और पुराणों के अनुसार   मासिक शिवरात्रि का व्रत रखने से चंद्र दोष   मानसिक तनाव   शनि कष्ट और अनिष्ट ग्रहों का प्रभाव कम होता है   कई योगियों और संतों का अनुभव है कि जो साधक हर मास मासिक शिवरात्रि का उपवास करता है   उसकी आध्यात्मिक ऊर्जा शुद्ध होती है और ध्यान में स्थिरता आती है  

तिथि (2026)दिनमास / विशेषता
16 जनवरीशुक्रवारमाघ मास शिवरात्रि
15 फरवरीरविवारमहाशिवरात्रि (फाल्गुन)
17 मार्चमंगलवारचैत्र मास शिवरात्रि
15 अप्रैलबुधवारवैशाख मास शिवरात्रि
15 मईशुक्रवारज्येष्ठ मास शिवरात्रि
13 जूनशनिवारअधिक मास शिवरात्रि
12 जुलाईरविवारआषाढ़ मास शिवरात्रि
11 अगस्तमंगलवारश्रावण मास शिवरात्रि
9 सितम्बरबुधवारभाद्रपद मास शिवरात्रि
8 अक्टूबरगुरुवारआश्विन मास शिवरात्रि
7 नवम्बरशनिवारकार्तिक मास शिवरात्रि
7 दिसम्बरसोमवारमार्गशीर्ष मास शिवरात्रि

 मासिक शिवरात्रि का व्रत कैसे रखें?

  • व्रत नियम: प्रातः स्नान के बाद संकल्प लें   दिनभर उपवास रखें 
  • पूजा सामग्री: बेलपत्र   अक्षत   गंगाजल   दूध   दही   शहद   घी   गंगाजल 
  • मंत्र जप: ॐ नमः शिवाय और महामृत्युंजय मंत्र का जप करें 
  • रात्रि जागरण: शिवलिंग पर जलाभिषेक के साथ रात्रि जागरण करें 

पं. आदित्य गोस्वामी (काशी): “मासिक शिवरात्रि वह अवसर है जब व्यक्ति चंद्रमा की घटती स्थिति में अपने विकारों को त्यागकर शिवत्व की ओर बढ़ता है  ”

स्वामी हरिहरानंद (उज्जैन): “हर मास की चतुर्दशी शिव के ध्यान का ‘inner checkpoint’ है  यह तपस्या का कैलेंडर अलार्म है  ”

 क्यों करें मासिक शिवरात्रि का व्रत?

  • मानसिक शांति व भय मुक्ति के लिए
  • गृहस्थ जीवन में संतुलन हेतु
  • आध्यात्मिक उन्नति व ध्यान स्थिरता के लिए
  • चंद्र दोष   कालसर्प योग   ग्रह पीड़ा से राहत के लिए

Disclaimer: यह लेख धार्मिक शास्त्रों   पंचांग   ज्योतिष और अनुभवी विद्वानों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है   Hinduifestival.com विभिन्न स्रोतों से ज्ञान लेकर यह लेख प्रस्तुत करता है और किसी व्रत या पूजा विधि की गारंटी नहीं देता  



TOPICS Religion shivji

First Published on: December 11, 2025 8:00 pm IST

About the Author: Ritika Rawal

I am Ritika Rawal, a ground-level religious writer exploring Gods, Aarti traditions, Horoscope, Panchang and temple culture. I work closely with local pandits and experienced astrologers, bringing their real insights to readers. My focus is pure, authentic spiritual reporting that connects rituals with everyday faith.