Sponge Dosa Recipe: दिखने में उत्तपम जैसा लेकिन स्वाद और टेक्सचर सबसे यूनिक, घर पर मिनटों में बनाएं सुपर फ्लफी और लाइट स्पॉन्ज डोसा
स्पंज डोसा रेसिपी: बिना मसाले, बिना पलटे, सिर्फ खमीर और प्यार से बना सुपर लाइट, सुपर फ्लफी डोसा जो हर उम्र को भाएगा।

मैसूर रेलवे स्टेशन। सुबह के छह बजे। प्लेट में कुछ नरम, गोल, पिघला-पिघला रखा था। किसी ने कहा, “स्पॉंजी डोसा है, ले लो।” चखने के बाद समझ आया — ये कोई आम डोसा नहीं था। इसमें इडली की मासूमियत थी, उत्तपम की आत्मा, और एक सूफियाना फर्मेंटेशन।
उस दिन से अब तक — यही “स्पंज डोसा” मेरे किचन की सबसे शांत, सबसे प्यारी तैयारी बन चुका है।
मेरी खुद की खोज: जब डोसा किताबों से नहीं, गलतियों से सीखा
पहली बार सोचा — इडली वाला बैटर ले लो और तवे पर फैला दो। लेकिन जो बना वो या तो गाढ़ा था, या बिलकुल सपाट। टेक्सचर नहीं आया, स्पॉन्ज जैसा फुलाव नहीं मिला। तब जाकर समझ में आया: स्पंज डोसा बनाने की विधि में असली रचना है — खमीर, तापमान और सही मात्रा की सटीक साज़िश।
स्पंज डोसा बनाने की सामग्री (4 लोगों के लिए)
इन्हीं सामग्रियों के साथ मैंने एक ऐसा बैटर तैयार किया जो न तो इडली था, न डोसा — बल्कि एक सॉफ्ट स्पंज डोसा जैसा अनुभव था।
- बासमती चावल या पतला देसी चावल – 2 कप
- उड़द दाल (धुली) – ½ कप
- पका हुआ भात (चावल) – ½ कप
- मेथी दाना – 1 छोटा चम्मच
- पानी – आवश्यकता अनुसार (बैटर थोड़ा पतला होना चाहिए)
- नमक – स्वादानुसार (फर्मेंटेशन के बाद डालें)
स्पंज डोसा बनाने की विधि (बिना घिसे-पिटे स्टाइल के, बस असली निर्देश)
1. धुलाई और भिगोना
- चावल, उड़द दाल और मेथी को साफ़ करके 6-7 घंटे के लिए भिगो दें।
- पके हुए चावल को फर्मेंटेशन के समय इस्तेमाल करना है, उसे ताज़ा रखें।
2. पीसना और बैटर बनाना
- भीगे हुए चावल-दाल को पानी के साथ पीसें। बीच में भात डालें।
- बैटर इडली जितना गाढ़ा न रखें — थोड़ा पतला हो, ताकि फर्मेंटेशन में बुलबुले उठें।
3. फर्मेंटेशन (सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा)
- बैटर को गर्म जगह पर 10–14 घंटे रखें (सर्दी में ज़्यादा)।
- फूला हुआ, झागदार बैटर सुबह उठे तो समझिए — स्पंज बन चुका है अंदर से।
4. पकाना (ना फैलाना, ना पलटना)
- लोहे का तवा गरम करें। हल्का सा पानी छिड़कें।
- एक कटोरी से बैटर डालें, लेकिन फैलाएं नहीं।
- ढक्कन लगाकर धीमी आंच पर 2–3 मिनट पकाएं। ऊपर बुलबुले बनें और सुखने लगे तो तैयार।
- पलटें नहीं — यही है असली सॉफ्ट स्पंज डोसा की खासियत।
5. परोसना
- नारियल चटनी नहीं चाहिए, न ही आलू मसाला।
- बस गुड़ वाला सांभर, या बिल्कुल खाली — जैसा मैंने स्टेशन पर खाया था।
हर बार वैसा न बने, तो भी बना ही लीजिए
कई बार बैटर सूखा रह जाता है। कभी नमक पहले डाल दिया, तो खमीर नहीं उठा। और कई बार गर्मी कम पड़ती है। लेकिन हर बार कुछ नया सीखने को मिलता है।
स्पंज डोसा रेसिपी सिर्फ़ रेसिपी नहीं, यह एक प्रतीक्षा है — वो भी उस स्वाद के लिए जो अंदर तक भिगो दे।
क्या यह डोसा पैक हो सकता है?
बिलकुल। मैंने इसे दिल्ली से बनारस की यात्रा में पैक किया था। पूरी तरह ठंडा करके, पार्चमेंट में लपेटकर स्टील के डिब्बे में रखा — 24 घंटे तक नरम बना रहा। सांभर अलग बॉक्स में रखें, वरना गीला हो सकता है।
इस डोसे में एक सूफियाना बात है
क्योंकि यह पलटता नहीं। यह किसी से उलझता नहीं। यह बस धीरे-धीरे, खुद को खोलता है — बिना कहे, बिना जताए।
First Published on: November 18, 2025 10:14 pm IST




