तिल मूंगफली चिकी रेसिपी: जानें कैसे बनती है क्रिस्पी, स्वादिष्ट और हेल्दी तिल-गुड़ की चिकी

घर में बनी तिल मूंगफली चिकी में जो स्वाद और क्रंच होता है, वह बाहर की मिठाइयों में नहीं होता। ये रेसिपी आपको सिखाएगी मेरी तरह सही चाशनी, क्रिस्प बेलने का तरीका और चिकी में वो देसी प्यार कैसे भरें

तिल मूंगफली चिकी रेसिपी: जानें कैसे बनती है क्रिस्पी, स्वादिष्ट और हेल्दी तिल-गुड़ की चिकी

जब भी जनवरी की ठंडी हवाएं चलती हैं और घर में तिल-गुड़ की खुशबू घुलने लगती है, मुझे बचपन की वो शामें याद आती हैं जब मां चूल्हे के सामने बैठकर चिकी बनाती थीं। वो कहती थीं, “तिल खाने से बुद्धि तेज़ होती है और मूंगफली ताकत देती है।” उस वक्त तो ये बस स्वाद की चीज़ लगती थी, लेकिन आज जब मैं अपनी बेटी के साथ वही रेसिपी बनाती हूँ, तब समझ आता है कि ये स्वाद, ये परंपरा, असल में पीढ़ियों का प्यार है।

  • गुड़ और तिल का मेल न सिर्फ स्वादिष्ट होता है, बल्कि सर्दियों में शरीर को अंदर से गर्म भी रखता है।
  • मूंगफली से चिकी में क्रंच आता है, और जब ये हर टुकड़े में भरे हों, तो खाने का मज़ा दोगुना हो जाता है।
  • ये चिकी ट्रैवल स्नैक, स्कूल टिफ़िन या शाम की भूख – हर जगह फिट बैठती है।



सामग्रीमात्रा
सफेद तिल (White Sesame Seeds)1 कप
मूंगफली (Roasted Peanuts)1 कप (छिलके हटाकर दरदरी कुटी हुई)
गुड़ (Jaggery – Desi Gud, preferably Kolhapuri)1 कप (कद्दूकस किया हुआ)
घी (Ghee)1 चम्मच (सिर्फ ग्रीसिंग के लिए)

किचन टिप: गुड़ जितना शुद्ध होगा, उतनी चिकी ज़्यादा कुरकुरी बनेगी। मैंने सस्ते ब्रांड्स से कोशिश की थी — नतीजा था चिपचिपी और नर्म चिकी। अब सिर्फ देसी कोल्हापुरी गुड़ इस्तेमाल करती हूँ।

  1. तिल और मूंगफली की तैयारी
    • सबसे पहले तिल को एक सूखी कड़ाही में 2-3 मिनट मध्यम आंच पर सेंक लें जब तक वो हल्का सुनहरा और खुशबूदार न हो जाए। आप महसूस करेंगे कि कमरे में एक मिट्टी जैसी सोंधी खुशबू भर जाती है।
    • अब मूंगफली को सेंक लें। ठंडा होने पर छिलके हटाकर हाथ से हल्का दरदरा कूट लें।
  2. गुड़ की चाशनी – यहीं खेल है
    • एक भारी तले की कढ़ाही में 1 चम्मच पानी डालें और उसमें कद्दूकस किया हुआ गुड़ डालें। धीमी आंच पर पकाएं।
    • अब यहां ध्यान दें: जब गुड़ पूरी तरह पिघल जाए और हल्का झाग बनना शुरू हो जाए, तब एक बाउल में पानी डालकर एक बूंद गिराएं — अगर वह बूंद ठंडी होकर टूटती है, तो समझिए चाशनी तैयार है।
    • बहुत से लोग यही पर गलती करते हैं — चाशनी या तो कम पकती है (जिससे चिकी नरम रह जाती है) या ज़्यादा (जिससे वो कड़वी हो जाती है)। मैं अक्सर टेस्ट करने के लिए 2 बार बूंद टेस्ट करती हूँ।
  3. मिक्सिंग और जमाना
    • गैस बंद करें। चाशनी में तिल और मूंगफली डालें और फटाफट मिलाएं। यह स्टेज सिर्फ 30 सेकंड का होता है – वर्ना मिश्रण सख्त हो जाता है।
    • एक थाली को घी लगाकर तैयार रखें। मिश्रण को फौरन पलटें और बेलन से बेल लें (ऊपर से भी घी लगाना न भूलें, नहीं तो बेलन चिपकेगा)।
    • हल्का गुनगुना रहते ही चाकू से चौकोर पीस काट लें।
  • सर्दियों में गुड़ जल्दी जमता है, इसलिए पूरा सेटअप पहले से तैयार रखें – बेलन, थाली, चाकू।
  • चाशनी की कड़वाहट – ओवरकुक ना करें। एक बार मैंने ध्यान नहीं दिया, और पूरी चिकी में जली हुई महक आ गई थी।
  • एक साथ तिल और मूंगफली डालने से पहले गैस बंद करना ज़रूरी है — नहीं तो वो नीचे जलने लगता है।
  • मैं इसे एअरटाइट डब्बे में 2 हफ्ते तक स्टोर करती हूँ।
  • ट्रेन यात्रा में तो ये मेरा फेवरेट स्नैक है – हल्का, हेल्दी, और जरा भी बिखरता नहीं।
  • एक बार मैंने इसमें थोड़ा सा भुना नारियल मिलाया था — स्वाद बिल्कुल दक्षिण भारतीय स्टाइल में बदल गया था!
  • मकर संक्रांति पर चिकी बाँटना हमारे यहां “तिल गुड़ घ्या, गोड गोड बोला” की परंपरा का हिस्सा है।
  • मेरी नानी इसमें थोड़ी सी सूखी अदरक (सोंठ) भी डालती थीं – उनके मुताबिक ये शरीर की वात को संतुलित करता है।
  • बिहार में इसे लाई चिकी कहते हैं और कभी-कभी इसमें चावल की लाई भी मिलाई जाती है।


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First Published on: November 19, 2025 1:20 pm IST

About the Author: Suhani Chauhan

I am Suhani Chauhan, a Religion and Hindu Calendar researcher at Hinduifestival.com, specializing in Hindu festivals, Panchang, and tithi systems. I study classical scriptures, traditional Panchang methods, and astronomical principles to understand sacred timekeeping. My work explains how lunar and solar cycles shape religious dates and rituals across India. I aim to present Hindu calendar knowledge in a clear, accurate, and trustworthy way for modern reader